Gurugram Metro : मेट्रो रूट में आ रहे मकानों को तोड़ा जाएगा, पेड़ बचाने के लिए भूमिगत मेट्रो का सुझाव
मेट्रो के रास्ते में 152 कच्चे और पक्के भवन व दुकानें आ रही हैं। इनमें से 138 के पास रजिस्ट्री नहीं है। हरियाणा सरकार ने जीएमआरएल को एक नई नीति बनाने का निर्देश दिया है, ताकि इन संपत्तियों के मालिकों को उचित मुआवजा दिया जा सके।

Gurugram Metro : ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के निर्माण को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इसके रास्ते में कई अड़चनें भी आ रही हैं। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में इन बाधाओं को दूर करने के तरीकों पर चर्चा की गई।
संपत्तियों का अधिग्रहण:

मेट्रो के रास्ते में 152 कच्चे और पक्के भवन व दुकानें आ रही हैं। इनमें से 138 के पास रजिस्ट्री नहीं है। हरियाणा सरकार ने जीएमआरएल को एक नई नीति बनाने का निर्देश दिया है, ताकि इन संपत्तियों के मालिकों को उचित मुआवजा दिया जा सके।
सरकारी जमीन और मलबा:

निर्माण के लिए 52 जगहों पर सरकारी जमीन की जरूरत है। इसके अलावा, बसई रोड पर 25 एकड़ की जमीन पर लगे मलबे को 31 अक्टूबर तक हटाने का आदेश दिया गया है, ताकि इसका इस्तेमाल कास्टिंग यार्ड के लिए हो सके।
हीरो होंडा चौक रोड पर समस्याएं:

इस 2.3 किलोमीटर लंबी सड़क पर बिजली घर, हाईटेंशन टावर, सीएनजी स्टेशन और कुछ निजी संपत्तियां रास्ते में आ रही हैं। इनमें से कुछ पर कोर्ट का स्टे लगा हुआ है, जिसकी अगली सुनवाई 24 सितंबर को है। अधिकारियों को इन अड़चनों को जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
साइबर सिटी स्टेशन का विवाद:

दिल्ली-जयपुर हाइवे पर प्रस्तावित नमो भारत स्टेशन के स्थान को लेकर विवाद बना हुआ है। एचएसआईआईडीसी ने इसके मौजूदा स्थान पर विरोध जताया है, क्योंकि इससे यातायात जाम बढ़ सकता है।
हरियाणा के उद्योग और पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने केंद्रीय शहरी आवास मंत्री मनोहर लाल को एक पत्र लिखकर ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के सेक्टर-नौ से साइबर सिटी तक के रूट को भूमिगत करने की सिफारिश की है।

रूट घनी आबादी वाले और 30 मीटर चौड़ी सड़कों से होकर गुजरेगा, जिससे यातायात जाम की समस्या बढ़ेगी।
भूमिगत रूट से पेड़ों की कटाई कम होगी। वर्तमान में, दूसरे चरण के निर्माण के लिए लगभग 3,000 पेड़ों के कटने की संभावना है, जबकि पहले चरण में 1801 पेड़ काटे जा चुके हैं।
- पहला चरण:
- मिलेनियम सिटी सेंटर से लेकर सेक्टर-नौ तक, जिसमें 14 स्टेशन शामिल हैं।
- दूसरा चरण:
- सेक्टर-नौ से साइबर सिटी तक, जिसमें 13 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
फिलहाल, मेट्रो के दूसरे चरण के लिए भू-तकनीकी सर्वेक्षण चल रहा है, जिसके नमूनों के आधार पर मेट्रो पिलर का डिजाइन तैयार किया जाएगा।









